आज से नए ऑटो रिक्शा परमिटों पर लगी रोक; मंत्री प्रताप सरनाईक ने की घोषणा
मुंबई: महाराष्ट्र में बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि 9 मार्च से पूरे राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह निर्णय राज्य के प्रमुख शहरों में सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में तय होंगे नए मानक
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि नए परमिटों पर यह रोक फिलहाल अस्थायी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यह तय होगा कि भविष्य में नए परमिट किन मानदंडों के आधार पर दिए जाने चाहिए। कैबिनेट के निर्णय के बाद ही नए दिशा-निर्देशों के साथ परमिट वितरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
केंद्र सरकार ने दी राज्य को सलाह
मंत्री सरनाईक के अनुसार, 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ऑटो रिक्शा परमिटों के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी महाराष्ट्र सरकार को स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उचित कदम उठाने की सलाह दी है।
अवैध परमिटों की शिकायतों पर सख्त रुख
इस निर्णय के पीछे एक अन्य मुख्य कारण परमिट वितरण में विसंगतियां और शिकायतें भी हैं। सरनाईक ने बताया कि कई स्थानों पर एक ही परिवार में कई परमिट दिए जाने की खबरें मिली हैं। कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से परमिट दिए जाने की गंभीर शिकायतें भी सरकार को प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में पूरे राज्य में लगभग 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट दिए जा चुके हैं, जो कई क्षेत्रों की क्षमता से अधिक हैं।
'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' पर जोर
परिवहन विभाग का लक्ष्य केवल वाहनों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' (अंतिम छोर तक पहुंच) को बेहतर बनाना है। केंद्र सरकार ने भी राज्य को सलाह दी है कि ट्रैफिक की भीड़ कम करने के लिए स्थानीय जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाई जाएं।
अंत में, परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार नागरिकों को अधिक सुलभ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस दिशा में नए नीतिगत फैसलों की घोषणा की जाएगी।




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